तिगड़ी के नियम
तिगड़ी दो खिलाड़ियों का खेल है, जो एक के अंदर एक बने तीन वर्गों और 24 बिंदुओं वाली बिसात पर खेला जाता है। यहाँ इस साइट पर खेले जाने वाले पूरे नियम दिए हैं — उन दो जगहों सहित जहाँ ये आम प्रचलित नियमों से अलग हैं।
बिसात
तीन वर्ग एक के अंदर एक बने होते हैं। हर वर्ग के चारों तरफ़ लाइनें चलती हैं, और आठ सीधी तीलियाँ बाहरी वर्ग से भीतरी वर्ग तक जाती हैं — चार किनारों के बीच से, और चार कोनों की तिरछी लाइनों पर। जहाँ लाइनें मिलती हैं वहाँ गोटी रखी जा सकती है: कुल 24 बिंदु।
कोनों की तिरछी लाइनें असली लाइनें हैं। उन पर चाल भी चलती है और उन पर तीन गोटी आ जाएँ तो तिगड़ी भी बनती है। आम नौ गोटी की बिसात से यही सबसे बड़ा फ़र्क़ है, जिसमें तिरछी लाइनें होती ही नहीं।
तीन गोटी रख सकने वाली सारी लाइनें गिनें तो 20 होती हैं — तीन वर्गों के चारों तरफ़ बारह, और तीलियों पर आठ। गोटी सिर्फ़ खिंची लाइन के साथ सटे बिंदु तक जाती है, और ऐसे कुल 40 जोड़ बनते हैं।
शुरुआत
हर खिलाड़ी नौ गोटी लेता है। बिसात खाली रहती है और पहली चाल पहले खिलाड़ी की होती है। इस साइट पर पहला खिलाड़ी कौड़ी है — हल्के रंग की गोटी — और दूसरा इमली, गहरे रंग की।
पहला चरण: गोटी रखना
खिलाड़ी बारी-बारी से किसी भी खाली बिंदु पर एक गोटी रखते हैं, जब तक सारी अठारह गोटी बिसात पर न आ जाएँ। इस चरण में कोई गोटी चलती नहीं।
गोटी रखते समय बनी तिगड़ी भी उसी वक़्त गिनी जाती है और उसी वक़्त गोटी मारती है — उसे आगे के चरण के लिए रोका नहीं जाता। नए खिलाड़ी यही सबसे ज़्यादा हल्के में लेते हैं: बहुत से खेल एक भी चाल चलने से पहले तय हो जाते हैं।
दूसरा चरण: चाल चलना
सारी गोटी बिछ जाने के बाद खिलाड़ी बारी-बारी से अपनी एक गोटी को लाइन के साथ सटे हुए खाली बिंदु पर खिसकाते हैं। एक बारी में एक ही बिंदु। खेल ख़त्म होने तक यही चरण चलता है।
गोटी कभी कूदती नहीं। नौ गोटी हों, तीन हों या दो — किसी भी हालत में नहीं। इन नियमों का आम छपे नियमों से यह दूसरा फ़र्क़ है।
चाल चलना ज़रूरी है। अगर एक भी जायज़ चाल मौजूद है तो आपको चलना ही पड़ेगा — चाहे हर चाल आपकी अपनी तिगड़ी तोड़ती हो। मर्ज़ी से बारी छोड़ी नहीं जा सकती।
तिगड़ी बनाना और गोटी मारना
20 लाइनों में से किसी एक के तीनों बिंदुओं पर आपकी गोटी आ जाना तिगड़ी है। जिस पल तिगड़ी पूरी होती है, आप दुश्मन की एक गोटी बिसात से हटा देते हैं — उसी बारी में, तुरंत।
- एक बारी में ठीक एक गोटी। एक ही चाल से दो लाइनें पूरी हो जाएँ, तो भी एक ही गोटी मरेगी।
- दुश्मन की तिगड़ी के अंदर खड़ी गोटी सुरक्षित है, उसे मारा नहीं जा सकता।
- लेकिन अगर दुश्मन की हर गोटी किसी तिगड़ी में हो, तो यह सुरक्षा ख़त्म और कोई भी गोटी मारी जा सकती है।
- मरी हुई गोटी लौटती नहीं। वह अपने मालिक के हाथ में वापस नहीं जाती।
चलती तिगड़ी
बनी हुई तिगड़ी से एक गोटी बाहर निकालिए और अगली किसी बारी में वापस ले आइए — तिगड़ी फिर गिनी जाएगी, और हर बार बंद होने पर एक गोटी मारेगी। खिलाड़ी इसे चलती तिगड़ी कहते हैं, और यह खेल की सबसे मज़बूत योजना है।
यह कोई चोर रास्ता नहीं है। यह सीधे उसी नियम से निकलता है कि पूरी लाइन गोटी मारती है — और यही वजह है कि दूसरा चरण सोच-समझकर खेलने लायक होता है, बेमतलब गोटी हिलाने लायक नहीं।
जब कोई चाल न बचे
जिस खिलाड़ी के पास कोई जायज़ चाल न बची हो, वह हारता नहीं। उसकी बारी छूट जाती है और खेल विरोधी के पास चला जाता है। फँस जाना नुक़सान है, हार नहीं।
दोनों खिलाड़ी एक ही समय पर कभी नहीं फँस सकते। बिसात पूरी जुड़ी हुई है और हर बिंदु के कम से कम तीन पड़ोसी हैं, इसलिए बारी छूटने पर खेल हमेशा किसी ऐसे खिलाड़ी के पास जाता है जो चल सकता है।
जीत और बराबरी
विरोधी को दो गोटी पर ले आइए और आप जीत गए। जीतने का यही एक तरीका है — फँसाकर जीत नहीं होती, और अंकों पर भी नहीं।
खेल बराबरी पर ख़त्म होता है अगर वही स्थिति उसी खिलाड़ी की बारी के साथ तीन बार बन जाए, या लगातार 100 चालों में एक भी गोटी न मरे। दोनों गिनतियाँ तभी शुरू होती हैं जब सारी गोटी बिसात पर आ चुकी हों।
एक बारीक बात: गोटी रखने के चरण में किसी खिलाड़ी की बिसात पर तीन से कम गोटी हो सकती हैं, जबकि उसके हाथ में गोटी बाकी हों। यह हार नहीं है — कुल गिनती मायने रखती है, बिसात पर की गिनती नहीं।
आम सवाल
तिगड़ी में शामिल गोटी मार सकते हैं?
जब तक वह बनी हुई तिगड़ी के अंदर है, नहीं — वे गोटियाँ सुरक्षित हैं। अपवाद तब है जब विरोधी की हर गोटी किसी तिगड़ी में हो; तब यह सुरक्षा ख़त्म हो जाती है और कोई भी गोटी मारी जा सकती है।
एक ही चाल से दो तिगड़ी बन जाएँ तो?
तब भी ठीक एक गोटी मरेगी। इन नियमों में दोहरी मार नहीं है, चाहे एक चाल से कितनी भी लाइनें पूरी हो जाएँ।
तिरछी लाइन की तिगड़ी गिनी जाती है?
इस बिसात पर हाँ। कोनों की चार तिरछी लाइनें बाकी लाइनों की तरह खिंची लाइनें हैं, इसलिए उन पर तीन गोटी आना तिगड़ी है और गोटी मारता है। आम नौ गोटी की बिसात पर तिरछी लाइनें होती ही नहीं।