तिगड़ीTigadi
नौ गोटी का खेल, तिरछी लाइनों के साथ · हर चाल एक कदम
पहला चरण · गोटी रखना · चाल 0
चालों का ब्यौरा
अभी कुछ नहीं — हर गोटी रखना, चाल और मार यहाँ दिखेगी।
कैसे खेलें
- रखिए अपनी 9 गोटी, एक बारी में एक, किसी भी खाली बिंदु पर।
- एक लाइन में तीन यानी तिगड़ी — दुश्मन की एक गोटी तुरंत मर जाती है।
- तिगड़ी के अंदर की गोटी सुरक्षित है, जब तक दुश्मन की हर गोटी किसी तिगड़ी में न हो।
- सारी 18 गोटी बिछने पर लाइन के साथ एक कदम खिसकाइए। कूदना मना — तीन गोटी बचने पर भी।
- तिगड़ी तोड़कर फिर बनाइए और एक और गोटी मारिए। जीत का यही सबसे बड़ा हथियार है।
- जीत तब, जब विरोधी के पास सिर्फ़ 2 गोटी बचें। कोई चाल नहीं बची? बारी छूटेगी, हार नहीं होगी।
आम सवाल
तिगड़ी क्या है?
तिगड़ी दो खिलाड़ियों का भारतीय बोर्ड गेम है, जो एक के अंदर एक बने तीन वर्गों और 24 बिंदुओं वाली बिसात पर खेला जाता है। इसे नवकंकरी और नौ गोटी भी कहते हैं। दुनिया में यह नाइन मेन्स मॉरिस के नाम से जाना जाता है, पर इस संस्करण में एक बड़ा फ़र्क़ है: कोनों की तिरछी लाइनें भी असली लाइनें हैं, यानी उन पर चाल भी चलती है और तिगड़ी भी बनती है। खेल का नाम तिगड़ी से ही आया है — एक लाइन पर आपकी तीन गोटी, जिससे दुश्मन की गोटी मरती है।
तिगड़ी कैसे खेलते हैं?
हर खिलाड़ी के पास नौ गोटी होती हैं। पहले बारी-बारी से इन्हें किसी भी खाली बिंदु पर रखा जाता है, जब तक सारी अठारह गोटी बिसात पर न आ जाएँ। इसके बाद हर बारी में एक गोटी को लाइन के साथ अगले बिंदु पर खिसकाया जाता है। जब भी आपकी तीन गोटी किसी पूरी लाइन पर आ जाती हैं, दुश्मन की एक गोटी बिसात से बाहर हो जाती है। विरोधी के पास सिर्फ़ दो गोटी बचें, तो आप जीत गए।
तिगड़ी बनती कैसे है?
तिगड़ी का मतलब है किसी एक खिंची लाइन के तीनों बिंदुओं पर एक ही खिलाड़ी की गोटी। इस बिसात पर ऐसी 20 लाइनें हैं — तीन वर्गों के चारों तरफ़ बारह, और तीलियों पर आठ। तिगड़ी बनते ही दुश्मन की ठीक एक गोटी मरती है, चाहे आपने एक ही चाल में दो लाइनें पूरी कर दी हों।
तीन गोटी बचने पर गोटी कूद सकती है?
नहीं। तिगड़ी में गोटी हमेशा लाइन के साथ अगले चौराहे तक ही जाती है — नौ गोटी हों, तीन हों या दो। किसी भी हालत में कूदना या उड़ना नहीं चलता। छपे हुए नाइन मेन्स मॉरिस के नियमों से यही सबसे बड़ा फ़र्क़ है, जहाँ तीन गोटी बचने पर खिलाड़ी कहीं भी जा सकता है।
अगर किसी खिलाड़ी के पास कोई चाल न बचे तो?
उसकी बारी छूट जाती है और खेल विरोधी के पास चला जाता है। तिगड़ी में फँस जाना कभी हार नहीं होती। बिसात पूरी जुड़ी हुई है और हर बिंदु के कम से कम तीन पड़ोसी हैं, इसलिए दोनों खिलाड़ी एक ही समय पर कभी नहीं फँस सकते।
क्या तिगड़ी और नौ गोटी एक ही खेल हैं?
हाँ, एक ही परिवार के खेल हैं। नौ गोटी नाम इसलिए, क्योंकि हर खिलाड़ी नौ गोटी से शुरू करता है; भारत के कई हिस्सों में इसे नवकंकरी भी कहते हैं। बाहर की दुनिया में यही खेल नाइन मेन्स मॉरिस, मिल्स, मेरेल्स या मोराबाराबा कहलाता है — पर तिरछी लाइनें और कूदने की मनाही इस संस्करण को अलग बनाती हैं।
एक ही तिगड़ी से कई बार गोटी मार सकते हैं?
हाँ, और जीत का रास्ता यही है। बनी हुई तिगड़ी से एक गोटी बाहर निकालिए और अगली किसी बारी में वापस ले आइए — तिगड़ी फिर गिनी जाएगी और हर बार दुश्मन की एक गोटी मरेगी। खिलाड़ी इसे “चलती तिगड़ी” कहते हैं, और इसे बिठा लेना खेल की सबसे मज़बूत चाल है।
कौन सी गोटी मार सकते हैं?
दुश्मन की कोई भी गोटी, जो अपनी बनी हुई तिगड़ी के अंदर न खड़ी हो। तिगड़ी के अंदर की गोटी सुरक्षित रहती है। पर अगर विरोधी की हर गोटी किसी तिगड़ी में हो, तो यह सुरक्षा ख़त्म हो जाती है और आप उनमें से कोई भी गोटी मार सकते हैं।
दोस्त के साथ ऑनलाइन तिगड़ी खेल सकते हैं?
हाँ। कमरा बनाइए और आपको चार अक्षरों का कोड और एक लिंक मिल जाएगा। दोस्त उस लिंक को किसी भी डिवाइस पर खोले और आप दोनों उसी वक़्त खेल सकते हैं — हर चाल की जाँच सर्वर करता है। चाहें तो एक ही फ़ोन आमने-सामने बाँटकर खेलिए, या कंप्यूटर से तीन कठिनाई स्तरों पर।
तिगड़ी का खेल बराबरी पर कैसे ख़त्म होता है?
दो तरह से। अगर वही स्थिति उसी खिलाड़ी की बारी के साथ तीन बार बन जाए, तो खेल बराबरी पर ख़त्म। और अगर लगातार 100 चालों में एक भी गोटी न मरे, तो भी बराबरी। दोनों गिनतियाँ तभी शुरू होती हैं जब सारी गोटी बिसात पर आ चुकी हों।